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Home›MPPSC Mains (Eng)›General Hindi & Grammar›General Hindi & Grammar›Rasa & Chhanda (10 marks)›शृंगार रस को परिभाषित करते हुए इसके भेदों के नाम लिखिए।

शृंगार रस को परिभाषित करते हुए इसके भेदों के नाम लिखिए।

20241M
Model Answer

[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.

शृंगार रस की परिभाषा एवं भेद:

1. परिभाषा: जहाँ नायक और नायिका के पारस्परिक प्रेम, अनुराग अथवा रति नामक स्थायी भाव का विभाव, अनुभाव और संचारी भाव से परिपाक होता है, वहाँ शृंगार रस (रसराज) होता है।

2. भेद (2 भेद):

  • 1. संयोग शृंगार: नायक-नायिका के मिलन का वर्णन।
  • 2. वियोग (विप्रलम्भ) शृंगार: नायक-नायिका के विरह का वर्णन।

हिंदी में प्रश्न एवं आदर्श उत्तर

शृंगार रस को परिभाषित करते हुए इसके भेदों के नाम लिखिए।

शृंगार रस की परिभाषा एवं भेद:

1. परिभाषा: जहाँ नायक और नायिका के पारस्परिक प्रेम, अनुराग अथवा रति नामक स्थायी भाव का विभाव, अनुभाव और संचारी भाव से परिपाक होता है, वहाँ शृंगार रस (रसराज) होता है।

2. भेद (2 भेद):

  • 1. संयोग शृंगार: नायक-नायिका के मिलन का वर्णन।
  • 2. वियोग (विप्रलम्भ) शृंगार: नायक-नायिका के विरह का वर्णन।
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