'पल्लवन' का आशय स्पष्ट कीजिए। पर 50 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
पल्लवन (भाव-विस्तार) का आशय एवं स्वरूप:
1. आशय: किसी सूत्र, सूक्ति, लोकोक्ति, काव्य-पंक्ति या विचार-गर्भित संक्षिप्त कथन के अंतर्निहित गूढ़ एवं केंद्रीय भाव को तर्क, उदाहरण व दृष्टांतों की सहायता से स्पष्ट, विस्तृत एवं सुसंबद्ध रूप में प्रस्तुत करना 'पल्लवन' कहलाता है।
2. विशेषताएं: यह सदैव अन्य पुरुष एवं व्यास शैली में लिखा जाता है तथा इसमें केवल मूल विचार की पुष्टि की जाती है।
In English (Question & Model Answer)
'पल्लवन' का आशय स्पष्ट कीजिए। पर 50 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.
पल्लवन (भाव-विस्तार) का आशय एवं स्वरूप:
1. आशय: किसी सूत्र, सूक्ति, लोकोक्ति, काव्य-पंक्ति या विचार-गर्भित संक्षिप्त कथन के अंतर्निहित गूढ़ एवं केंद्रीय भाव को तर्क, उदाहरण व दृष्टांतों की सहायता से स्पष्ट, विस्तृत एवं सुसंबद्ध रूप में प्रस्तुत करना 'पल्लवन' कहलाता है।
2. विशेषताएं: यह सदैव अन्य पुरुष एवं व्यास शैली में लिखा जाता है तथा इसमें केवल मूल विचार की पुष्टि की जाती है।