पल्लवन का अभिप्राय क्या है ?
पल्लवन (भाव-विस्तार) का अभिप्राय:
1. अभिप्राय: किसी सूत्र, सूक्ति, लोकोक्ति या विचार-गर्भित संक्षिप्त कथन के अंतर्निहित केंद्रीय भाव को तर्क, दृष्टांत एवं प्रासंगिक उदाहरणों के माध्यम से विस्तृत, स्पष्ट एवं सुगठित रूप में प्रस्तुत करना 'पल्लवन' (Amplification / Expansion of Idea) कहलाता है।
2. मुख्य बातें: यह सदैव अन्य पुरुष एवं व्यास शैली में लिखा जाता है तथा इसमें मूल विचार का ही विस्तार किया जाता है।
In English (Question & Model Answer)
पल्लवन का अभिप्राय क्या है ?
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.
पल्लवन (भाव-विस्तार) का अभिप्राय:
1. अभिप्राय: किसी सूत्र, सूक्ति, लोकोक्ति या विचार-गर्भित संक्षिप्त कथन के अंतर्निहित केंद्रीय भाव को तर्क, दृष्टांत एवं प्रासंगिक उदाहरणों के माध्यम से विस्तृत, स्पष्ट एवं सुगठित रूप में प्रस्तुत करना 'पल्लवन' (Amplification / Expansion of Idea) कहलाता है।
2. मुख्य बातें: यह सदैव अन्य पुरुष एवं व्यास शैली में लिखा जाता है तथा इसमें मूल विचार का ही विस्तार किया जाता है।