पल्लवन लेखन की सामान्य विशेषताओं का उल्लेख कीजिए ।
आदर्श उत्तर
पल्लवन लेखन की 4 प्रमुख विशेषताएँ:
- 1. व्यास शैली एवं अन्य पुरुष: पल्लवन सदैव अन्य पुरुष (Third Person) तथा व्यास (विस्तृत) शैली में लिखा जाता है; इसमें 'मैं' या 'हम' का प्रयोग वर्जित है।
- 2. केंद्रीय भाव की पूर्णता: मूल सूक्ति के अंतर्निहित गूढ़ भाव और दर्शन को तर्क, उदाहरण व दृष्टांत से स्पष्ट किया जाता है।
- 3. सुसंबद्धता एवं प्रवाह: विचार आपस में तार्किक रूप से जुड़े हों और भाषा सरल, परिष्कृत व मानक होनी चाहिए।
- 4. मूल भाव की पुष्टि: पल्लवन में मूल विचार का समर्थन किया जाता है, उसका खंडन या आलोचना नहीं की जाती।
In English (Question & Model Answer)
पल्लवन लेखन की सामान्य विशेषताओं का उल्लेख कीजिए ।
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.
पल्लवन लेखन की 4 प्रमुख विशेषताएँ:
- 1. व्यास शैली एवं अन्य पुरुष: पल्लवन सदैव अन्य पुरुष (Third Person) तथा व्यास (विस्तृत) शैली में लिखा जाता है; इसमें 'मैं' या 'हम' का प्रयोग वर्जित है।
- 2. केंद्रीय भाव की पूर्णता: मूल सूक्ति के अंतर्निहित गूढ़ भाव और दर्शन को तर्क, उदाहरण व दृष्टांत से स्पष्ट किया जाता है।
- 3. सुसंबद्धता एवं प्रवाह: विचार आपस में तार्किक रूप से जुड़े हों और भाषा सरल, परिष्कृत व मानक होनी चाहिए।
- 4. मूल भाव की पुष्टि: पल्लवन में मूल विचार का समर्थन किया जाता है, उसका खंडन या आलोचना नहीं की जाती।