पल्लवन को परिभाषित कीजिए। पर 25 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
पल्लवन (भाव-विस्तार) की परिभाषा एवं स्वरूप:
1. परिभाषा: किसी सूत्र, सूक्ति, लोकोक्ति, मुहावरे अथवा विचार-गर्भित संक्षिप्त कथन के अंतर्निहित मूल भाव को तर्क, दृष्टांत एवं उदाहरणों के माध्यम से विस्तृत, स्पष्ट एवं सुगठित रूप में प्रस्तुत करना 'पल्लवन' कहलाता है।
2. प्रमुख तत्व: यह सदैव अन्य पुरुष एवं व्यास शैली में लिखा जाता है तथा इसमें मूल विचार का ही विस्तार किया जाता है।
In English (Question & Model Answer)
पल्लवन को परिभाषित कीजिए। पर 25 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.
पल्लवन (भाव-विस्तार) की परिभाषा एवं स्वरूप:
1. परिभाषा: किसी सूत्र, सूक्ति, लोकोक्ति, मुहावरे अथवा विचार-गर्भित संक्षिप्त कथन के अंतर्निहित मूल भाव को तर्क, दृष्टांत एवं उदाहरणों के माध्यम से विस्तृत, स्पष्ट एवं सुगठित रूप में प्रस्तुत करना 'पल्लवन' कहलाता है।
2. प्रमुख तत्व: यह सदैव अन्य पुरुष एवं व्यास शैली में लिखा जाता है तथा इसमें मूल विचार का ही विस्तार किया जाता है।