पल्लवन करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
आदर्श उत्तर
पल्लवन (भाव विस्तार) करते समय ध्यान रखने योग्य 3 प्रमुख बातें:
- 1. मूल भाव का ही विस्तार: मूल सूक्ति/कथन के केन्द्रीय भाव को समझकर केवल उसी का विस्तार करना चाहिए, विषयांतर या अनावश्यक प्रसंगों से बचना चाहिए।
- 2. अन्य पुरुष एवं व्यास शैली का प्रयोग: पल्लवन सदैव अन्य पुरुष (Third Person) में और सरल, स्पष्ट तथा प्रांजल भाषा में लिखा जाना चाहिए।
- 3. आलोचना या खंडन से बचाव: मूल विचार की पुष्टि और व्याख्या करनी चाहिए, उसका खंडन या आलोचना नहीं करनी चाहिए।
In English (Question & Model Answer)
पल्लवन करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
[Note for English Medium Aspirants]: As per official MPPSC Examination Rules, Paper 5 (General Hindi & Grammar / सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण) must be attempted exclusively in Hindi (Devanagari script). The authentic Hindi model answer is provided below.
पल्लवन (भाव विस्तार) करते समय ध्यान रखने योग्य 3 प्रमुख बातें:
- 1. मूल भाव का ही विस्तार: मूल सूक्ति/कथन के केन्द्रीय भाव को समझकर केवल उसी का विस्तार करना चाहिए, विषयांतर या अनावश्यक प्रसंगों से बचना चाहिए।
- 2. अन्य पुरुष एवं व्यास शैली का प्रयोग: पल्लवन सदैव अन्य पुरुष (Third Person) में और सरल, स्पष्ट तथा प्रांजल भाषा में लिखा जाना चाहिए।
- 3. आलोचना या खंडन से बचाव: मूल विचार की पुष्टि और व्याख्या करनी चाहिए, उसका खंडन या आलोचना नहीं करनी चाहिए।