एक उत्तल लेंस से निकलने के पश्चात् विभिन्न रंगों की प्रकाश किरणें एक बिन्दु पर एकत्रित नहीं हो पाती हैं । यह दोष है
पाठ्यक्रम इकाई के अनुसार पिछले वर्षों के प्रश्न।
एक उत्तल लेंस से निकलने के पश्चात् विभिन्न रंगों की प्रकाश किरणें एक बिन्दु पर एकत्रित नहीं हो पाती हैं । यह दोष है
एक उत्तल लेंस की फोकस दूरी बैंगनी तथा लाल रंग के प्रकाश के लिए क्रमशः एवं हैं, निम्न में से कौन-सा सम्बन्ध सही है ?
प्रकाश के उसके घटक रंगों में विभाजित होने की प्रक्रिया को _______ कहा जाता है।
दृष्टि वैषम्य दोष के निवारण के लिए किसका उपयोग होता है?
अभिसारी लेंस में छवियों से संबंधित नीचे दिए गये चार कथनों पर विचार करें और दिये गये विकल्पों में से सही कथनों को दर्शाने वाले सही उत्तर चुनें।
(a) जब वस्तु लेंस से 2F की दूरी पर होती है, तो छवि वास्तविक, उल्टी और वस्तु के आकार के समान होती है।
(b) जब वस्तु 2F और F के बीच होती है, तो छवि वास्तविक, उल्टी और वस्तु से बड़ी होती है।
(c) जब वस्तु लेंस से 2F से अधिक दूर होती है, तो छवि वास्तविक, उल्टी और वस्तु से छोटी होती है।
(d) जब वस्तु F से निकट होती है, तो छवि उल्टी, आवर्धित तथा आभासी होती है।
एक दोषपूर्ण आँख का निकटतम बिंदु N आँख से 30 cm की दूरी पर है। यदि सामान्य निकट बिंदु आँख से 25 cm पर है, तो इस दोष को ठीक करने के लिये आवश्यक लेंस की शक्ति होगी
मानव नेत्र दृष्टि के कई दोषों को ठीक करने के लिए प्राय LASIK प्रक्रिया की जाती है जो कि संक्षिप्त रूप है
मुक्त स्थान में तरंग दैर्घ्य 632 nm की लाल रोशनी, कांच की स्लाइड (मोटाई d = 0·78 mm और n = 1·52 अपवर्तनांक) पर लंब के सापेक्ष theta = 39^\circ$ कोण पर आपतित होती है। कांच में प्रकाश की तरंग दैर्घ्य होगी
कैसेग्रेन दूरबीन लाभकारी है क्योंकि यह
नेत्र लेंस की फोकस दूरी नियंत्रित होती है
किसी 25 cm फोकस दूरी वाले उत्तल लेंस की शक्ति क्या होगी ?
जब एक पतला उत्तल लेंस समान फोकस दूरी के एक पतले अवतल लेंस से चिपका कर रखा जाता है, तब लेंस युग्म की फोकस दूरी होगी
एक मनुष्य 50 सेमी से अधिक दूरी की वस्तुओं को ठीक से नहीं देख पाता है। उसके दृष्टि दोष को ठीक करने हेतु लेंस की क्षमता होगी
एक वस्तु का प्रतिबिंब उत्तल लेंस द्वारा एक पर्दे पर बना है। अगर लेंस के नीचे का आधा भाग पेंट द्वारा काला कर दिया जाये, प्रतिबिंब की तीव्रता हो जाएगीः
मोटाई t की स्लैब पर गिरी हुई प्रकाश की किरणों का अधिकतम पार्श्विक विस्थापन होगा: